Author: admin_user

ज़िक्र-ए-सिनेमा, याद-ए-गुरुदत्त

भारतीय सिनेमा जिन पड़ावों से होकर आज यहां तक पहुंचा है, उसमें गुरुदत्त के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होने जैसा सिनेमा बनाया और कला का जो संसार रचा, उसी की वजह से...

आर्यावर्त के अंधेरे में लापता होता हिंदुस्तान

    –देवी प्रसाद मिश्र ( यह लेख प्रतिष्ठित हिंदी कवि-कथाकार, फिल्मकार व  टिप्पणीकार  देवी प्रसाद मिश्र के नवभारत टाइम्स के मुंबई संस्करण में छपने वाले स्तंभ ‘असहमत’ से साभार लिया गया  है। देवी  की लघु फिल्म  सतत...