सिनेमा, ‘साइंटिस्ट’और संवाद: दिल्ली में ‘टॉक सिनेमा- मार्च चैप्टर’

‘टॉक सिनेमा ऑन द फ्लोर’ सिर्फ़ फ़िल्में दिखाने या उन पर चर्चा करने तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसा स्पेस बनाने के बारे में है जहां सिनेमा लोगों को साथ लाने का ज़रिया बन जाए — और जहां ये मुलाक़ात धीरे-धीरे एक क्रिएटिव कम्युनिटी में बदल जाए। एक ऐसे शहर में जो खुद को एक गंभीर सिनेमा हब के रूप में स्थापित कर रहा है, ऐसे स्पेस की अपनी अहमियत है और जिसकी आज बहुत ज़रूरत भी है।