दास्तान-ए-आलम आरा
पहली सवाक फिल्म होने के कारण सामने आने वाली तमाम समस्याओं के बावजूद आर्देशर ने साढ़े दस हजार फीट लंबी इस फिल्म का निर्माण चार महीने में ही पूरा किया। इस पर कुल मिलाकर चालीस हजार रुपए की लागत आई थी। आखिरकार 14 मार्च 1931 को इसे मैजेस्टिक सिनेमा में रिलीज किया गया, तो वह दिन सिने इतिहास का एक सुनहरा पन्ना बन गया।

