Talk Cinema On The Floor – February Chapter: Cinema, Audience & Business in Focus

Cinema is not merely entertainment; it is a convergence of art, business, and audience experience. The February chapter of NDFF’s “Talk Cinema On The...

TCOTF फरवरी चैप्टर: ‘मिनिप्लेक्स का दौर आने वाला है…’

सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि कला, व्यवसाय और दर्शक संवेदना का संगम है। NDFF के ‘Talk Cinema On The Floor’ के फरवरी अध्याय में इसी व्यापक दृष्टि पर...

‘छोटी सी बात’ के 50 बरस: बासु चटर्जी की याद

बासु चटर्जी और हृषिकेश मुखर्जी दो ऐसे नाम हैं, जिन्होने हिंदी सिनेमा में पारिवारिक सिनेमा के लिए एक बिलकुल नई...

बेला टार, लाज़लो क्रासनाहोरकाई और ‘सेटनटैंगो’

अभी हाल में मैंने ‘द टुरिन होर्स’ देखी। इसकी अन्य सिनेमैटिक विशेषताओं के अलावा इसे देखते हुए मुझे प्रेमचंद के ‘कफ़न’, ‘वेटिंग फ़ॉर गोदो’ की झलक मिली।...

काबुल का आरियाना: जो एक सिनेमाघर हुआ करता था…

फिल्मकार फेडरिको फेलिनी ने कभी कहा था कि "सिनेमा एक जादुई दर्पण है।" आरियाना वह दर्पण था जिसमें काबुल ने खुद को मुस्कुराते हुए देखा था। आज वह दर्पण...

श्याम बाबू सिनेमा में संविधान के मूल्य जिन्दा रखते थे: प्रथम पुण्यतिथि विशेष

करीब से जानने पर यह और स्पष्ट हुआ कि श्याम बेनेगल के लिए सिनेमा कभी भी केवल पेशा नहीं रहा। वह उनके जीवन की बुनियादी भाषा थी, दुनिया को समझने और समझाने...

ALT EFF Delhi 2025: Cinema as a Mirror to Truth, Crisis & Collective Responsibility

With two days of impactful films, inspiring discussions, and deep youth engagement, ALT EFF Delhi 2025 emerged as a powerful reminder that cinema is...

ALT EFF Delhi 2025: सिनेमा के मंच पर सच की पड़ताल, सख्त सवाल

फेस्टिवल के दोनों दिन बेहद महत्वपूर्ण और नई जानकारियों से भरपूर कुछ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ़िल्में प्रदर्शित की गईं। इनमें सामाजिक अन्याय...

Talk Cinema On The Floor: A Growing Cinema Movement in Delhi-NCR

Talk Cinema On The Floor (TCOTF) marked its sixth successful chapter this November, continuing its mission of building a meaningful, collaborative and...

OUR SESSIONS

GALLERY

ASSOCIATIONS

Scroll to Top