December 29, 2024

News/ Updates

बांग्ला फिल्म निहारिका: मन की परतों में छिपी कहानियों की सिनेमाई कविता

यह कहना अतिशयोक्तिपूर्ण नहीं होगा कि  यह फिल्म एक कलात्मक मास्टरपीस है। ऐसा लगता है जैसे आप कोई महान साहित्यिक रचना पढ़ रहे हों, जहाँ दृश्य  आपकी आँखों के सामने अत्यंत सजीव रूप में घूम रहे हों। आप कहानी के प्रवाह से इस तरह जुड़ जाते हैं जैसे यह आपके समक्ष घटित हो रहा हो। ‘रील’ और ‘रियल’ का दायरा जैसे मिट- सा जाता है।

News/ Updates

कनु बहल की ‘आगरा’: समाज के तलछट में जीते परिवार की स्याह कहानी

कनु बहल ने आगरा के तलछट के जीवन और दिनचर्या को बखूबी फिल्माया है और चमक दमक से भरी दुनिया गायब है।  कहानी के एक-एक किरदार अपने आप में संपूर्ण है और सभी मिलकर भारतीय निम्नवर्गीय परिवार का ऐसा कोलाज बनाते हैं कि कई बार तो घर पागलखाना लगने लगता है। यहां यह भी ध्यान दिलाना जरूरी है कि आगरा शहर अपने पागलखाने के लिए भी जाना जाता है।

News/ Updates

कनु बहल की ‘डिस्पैच’: मुंबई की रोशनी में अंधेरे की पड़ताल

दस साल पहले मई 2014 में दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण कान फिल्म फेस्टिवल के ऑफिशियल सेलेक्शन में कनु बहल की पहली ही फिल्म ‘तितली’ (अनसर्टेन रिगार्ड खंड में) दिखाई गई और उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिल गई। पिछले साल 76 वें कान फिल्म फेस्टिवल 2023 में उनकी दूसरी फिल्म ‘आगरा’ (डायरेक्टर्स फोर्टनाइट) का प्रदर्शन हुआ और इसे काफी पसंद किया गया। ‘आगरा’  के सिनेमाई दर्शन को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने ‘डिस्पैच’ में एक क्राइम रिपोर्टर (मनोज बाजपेई) की कहानी के ज़रिए देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की चमक-दमक के मिथ को तोड़ने की कोशिश की है।

Scroll to Top