याद ए बलराज साहनी वाया गर्म हवा
गर्म हवा की कहानी घूमती है सलीम मिर्जा’ (बलराज साहनी), जो कि आगरा में एक जूते के कारखाने के मालिक हैं, उनके इर्द गिर्द। बँटवारा हो चुका है, सलीम मिर्जा रोज़ सुनते रहते हैं कि हिंदुस्तान में अब मुसलमानों के लिए कुछ नहीं बचा। ख़ुद उनके दोस्त-अहबाब मुल्क छोड़ छोड़कर लाहौर कराची जा रहे हैं लेकिन सलीम हैं कि रोज़ घर, आगरा और हिंदुस्तान छोड़कर न जाने का कोई न कोई नया बहाना खोज ही लेते हैं।

