शरतचंद्र के150 साल : भारतीय साहित्य का “आवारा मसीहा” जिसने समाज के भीतर के इंसान को देखा
भारतीय सिनेमा के लिए तो शरत चंद्र जैसे देवदास के रूप में एक ऐसा किरदार थमा गये हैं जो फिल्म बनाने वालों , अभिनेताओं और दर्शकों सबका बहुत चहेता नायक है पिछले लगभग सौ सालों से। उसकी पीड़ा और छटपटाहट से हमदर्दी न हो ऐसा हो नहीं सकता।

