‘Do Bigha Zamin’ ka ‘Lagaan’ tonight at 8pm

Farmers have constantly been disappearing from hindi cinema, esp. after 1990’s. Excepts the very few films like ‘Peepli Live’...

First Zoom Movie ‘Host’: Cinema in the Time of Corona

A problem is a chance for you to do your best. – Duke Ellington The global corona virus pandemic has...

साला ये दुःख काहे ख़तम नहीं होता है… : मसान के 5 साल

सिनेमा का यही मज़ा है और यही विस्मय और विडम्बना भी की एक छोर पर बाहुबली और बजरंगी भाईजान हैं तो दूसरी तरफ मसान...

आज सोचा तो आंसू भर आए…

सोचिये क्या सीन रहा होगा ! ये था मदन मोहन के संगीत का जादू. हिंदी सिनेमा के संगीत के इतिहास में जब भी फ़िल्मी ग़ज़लों का ज़िक्र होगा, मदन मोहन का...

संगीतकार रोशन: जिसने हिंदी सिनेमा के संगीत को किया रौशन

फ़िल्मी संगीत के इतिहास में मदन मोहन के अलावा रोशन एक ऐसे विरल प्रतिभाशाली संगीतकार हैं जिन्हें कम समय मिला जीने के लिए लेकिन उन्होंने कालजयी संगीत रच...

साहब, बीबी और गुलाम का ‘एंड’ वाया के आसिफ़

साहब बीबी और गुलाम सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी थी और उधर गुरुदत्त ने फिल्म का अंत बदलने के लिए दोबारा शूटिंग की तैयारी शुरु कर दी थी...

गुरुदत्त: बिछड़े सभी बारी-बारी…

सिनेमा के पर्दे पर गुरुदत्त ने बहुत कम समय में जो कुछ रचा वो मील का पत्थर है।...

‘हक़ीक़त’ जैसे माहौल में चेतन आनंद की याद…

चेतन आनंद एक बेहतरीन फ़िल्मकार होने के साथ साथ बेहद ज़हीन और नफ़ीस इनसान थे। 1946 में उनकी बनाई पहली ही फ़िल्म 'नीचा नगर' को फ्रांस के पहले कान...

पहचान की तलाश वाया ‘पाताललोक’

A thriller re-identifying its characters, class and conflict therein...

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