Ali Fazal

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इस ‘राख’ के ढेर में हैं समाज और सिस्टम के लिए कई सुलगते सवाल

“एक आदमी की निजी सोच जब भीड़ की सोच बन जाती है तो सारा समाज सड़ने लगता है। एक दीमक से हजारों दीमक- और सारा जंगल खत्म। “ प्राइम वीडियो पर रिलीज़ वेब सीरीज़ ‘राख’ का यह संवाद हमारे देश के वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक संदर्भों में बहुत मानीख़ेज़ है। जिस तरह से भीड़तंत्र हावी हो चुका है, वह हमारे समाज में अमन चैन के लिए बहुत बडा खतरा बन गया है।

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