नीरज की याद: लिखे जो खत तुझे…
A Tribute to Poet Gopal Das Neeraj on his birth anniversary
A Tribute to Poet Gopal Das Neeraj on his birth anniversary
कुर्दिश मूल के स्वीडिश फिल्मकार होगिर हिरोरी की डाक्यूमेंट्री सबाया की आज दुनिया भर में बड़ी चर्चा हो रही है। होगिर हिरोरी अपनी जान जोखिम में डालकर उत्तरी सीरिया के यजीदी होम सेंटर में रात के अंधेरे में चालीस बार गए और यह फिल्म शूट की। उन्होंने उन कई औरतों के इंटरव्यू लिए जिन्हें इस्लामिक स्टेट आईएसआईएस के लोगों ने अपहरण कर जबरन सेक्स स्लेव बनाया था।
कहीं हम सब जिसे सत्य मानते रहे हैं, सत्याभाष अथवा अर्धसत्य तो नही? किसी निर्णय पर पहुँचने से पहले एक बार जरूर सोच लेना चाहिए, क्योंकि इधर असत्य का मायाजाल इस कदर बिछ चुका है कि सत्य तो क्या अर्धसत्य तक पहुंच पाना कठिन है।
फिल्म एक ऐसी विधा है, ऐसा आर्टफॉर्म है जिसमें कहानी… किसी फिल्म का सबसे अधिक और सबसे कम महत्वपूर्ण तत्व
आज दिलीप कुमार ज़िंदा होते तो 99 साल के होते…. 11 दिसंबर 1922 को पेशावर में वो पैदा हुए थे…
मिस्र के ही उमर अल जोहरी की फिल्म फेदर्स को लेकर देश भर में हंगामा हो रहा है। सोशल मीडिया पर राष्ट्रवादी समूह जमकर इसकी आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस फिल्म से दुनिया भर में मिस्र की छवि खराब होगी। अपने छह साल के बेटे के जन्मदिन पर आयोजित जादू के शो के दौरान एक तानाशाह आदमी मुर्गे में बदल जाता है।
Rohit Shetty-directed movie from his “cop cinematic universe” is everything that one expects from a commercial film these days – terrible filmmaking that feels like a checklist by the makers to incorporate everything that they feel assures them a good commercial response.
अरब सिनेमा और अरब समाज की नई पहचान गढ़ता एक अनोखा फिल्म फेस्टिवल
Three years back in 2018 the deaths of eleven family members in Burari, Delhi; had shaken the whole nation. Now Leena Yadav
शूजीत सरकार और विकी कौशल की मेहनत की बदौलत यह फिल्म बायो-पिक कैटेगरी में ख़ास दर्जा हासिल करने की काबिलियत रखती है।