इस फिल्म में मुख्य भूमिका पायल कपाड़िया की 'ऑल वी इमैजिन ऐज़ लाइट' फिल्म से मशहूर हुई कनी कुश्रुति, प्रीति पाणिग्रही (पहली फिल्म), केशव बिनय किरण आदि...
फिल्म 'द शेमलेस' कहीं से भी अलग से कोई नैतिक उपदेश देने की कोशिश नहीं करती और न ही किसी पर कोई आरोप लगाती है। परिस्थितियों और मानवीय संवेदनाओं के जरिए...
संध्या सूरी की फिल्म संतोष की न सिर्फ भाषा हिंदी है, बल्कि पूरी तरह आज के भारतीय समाज और उसके समसामयिक विमर्श पर आधारित है। और इन सबके बावजूद उसे...
मालेगांव के स्पूफ सिनेमा की चर्चा आज भी दुनिया भर में होती है। इसी फिल्म में एक किरदार थे नासिर शेख। रीमा कागती ने 'मालेगांव का सुपरमैन' डॉक्यूमेंट्री...
यह कहना अतिशयोक्तिपूर्ण नहीं होगा कि यह फिल्म एक कलात्मक मास्टरपीस है। ऐसा लगता है जैसे आप कोई महान साहित्यिक रचना पढ़ रहे हों, जहाँ दृश्य आपकी...
कनु बहल ने आगरा के तलछट के जीवन और दिनचर्या को बखूबी फिल्माया है और चमक दमक से भरी दुनिया गायब है। कहानी के एक-एक किरदार अपने आप में संपूर्ण है और...
दस साल पहले मई 2014 में दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण कान फिल्म फेस्टिवल के ऑफिशियल सेलेक्शन में कनु बहल की पहली ही फिल्म 'तितली' (अनसर्टेन रिगार्ड खंड...
पायल कपाड़िया जब भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान पुणे में पढ़ती थी तो 2017 में उनकी शार्ट फिल्म 'आफ्टरनून क्लाउड्स' अकेली भारतीय फिल्म थी जिसे 70...
प्रेमियों को अंत में मिला कर दर्शक को प्रसन्न कर देना बहुत आसान है। एम. टी. यह नहीं करते हैं, वे प्रेम को अपूर्ण दिखाते हैं, उनके यहाँ अंत में...
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