‘एकमात्र सत्यजित राय…’ – ऋत्विक कुमार घटक

जो भी हो, सत्यजित बाबू के शिल्पकर्म को लेकर यह आलोचना नहीं है। उनकी 'पथेर पांचाली' हम लोगों को या मेरी ज्ञान-पिपासा को कैसे संतुष्ट करती है, इसका...

मनोज बाजपेयी: कुछ पाने की ज़िद

मनोज को न केवल हर मोड़ पर उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा था बल्कि अपनी लंबाई, वजन, सेक्स अपील की कमी और व्यक्तित्व में करिश्मा न होने जैसे ताने भी...

सच्चे ‘जन कलाकार’ थे बलराज साहनी

बलराज साहनी ने केवल अभिनेता ही नहीं बल्कि एक अध्यापक, नाट्य लेखक-निर्देशक, रेडियो उद्घोषक, ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों को पूरी...

ओटीटी कंटेंट में गंदगी पर बॉलीवुड भी बोलने लगा

खुलकर के गाली-गलौज और अश्लील संवादों का इस्तेमाल सबसे पहले फिल्मों में फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने न सिर्फ शुरू किया था, बल्कि ‘अभिव्यक्ति की...

‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ को इसलिए मिला ऑस्कर

बेली बताती है कि मेरी बेटी के मर जाने के बाद रघु का आना ऐसा लगा कि बेटी ही वापस आ गई, रघु ने अपनी सूंड से मेरे आँसू पोंछे.. वह छोटे बच्चों की तरह मेरे...

फिल्म लेखक व्रजेंद्र गौड़ की याद में

हिंदी फिल्मों का वो लेखक जिसके लिखे संवादों में हीरो विनोद खन्ना और हीरोइन सायरा बानो टैगोर और निराला की कविता को लेकर चर्चा करते हुए दिखे थे।...

मीना कुमारी और ‘पाकीज़ा’ की कुछ अनकही 

'पाकीज़ा' मीना कुमारी और कमाल अमरोही  द्वारा देखा गया ऐसा  सृजनात्मक सामूहिक सपना था जिसे पूरा करने में अनेकों रुकावटें आईं लेकिन मीना कुमारी ने इसे...

भारतीय सिनेमा के लिए ‘ऑस्कर’ का सबसे यादगार दिन

पुरस्कार देने से पहले सत्यजित राय से पूछा गया था आप किनके हाथों यह ऑस्कर ट्राफी लेना चाहेंगे? सत्यजित राय ने तत्काल अभिनेत्री ऑड्रे हेपबर्न का नाम...

दुनिया में ऐसा कहां सबका नसीब है… : पुण्य तिथि पर आनंद बक्शी की याद 

आनंद बक्शी की तमन्ना थी कि वो आख़िरी दिन तक गाने लिखते रहें। ज़िंदगी के आख़िरी दो महीनों में उन्होंने नौ गाने लिखे। ये गाने अनिल शर्मा और सुभाष घई के...

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