Neecha Nagar

News/ Updates

ख़्वाजा अहमद अब्बास: जिन्होंने समाजवाद को सिनेमा के पर्दे पर पहुंचाया

देश में समानांतर या नव-यथार्थवादी सिनेमा की जब भी बात होगी, ख्वाजा अहमद अब्बास का नाम फ़िल्मों की इस मुख़्तलिफ़ धारा के रहनुमाओं में गिना जाएगा। उन्होंने अपने लेखन से पूरी दुनिया को मुहब्बत, अमन और इंसानियत का पैग़ाम दिया। अब्बास ने न सिर्फ़ फ़िल्मों, बल्कि पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में भी नए मुक़ाम क़ायम किए।

News/ Updates

ज़ोहरा सहगल: एक इंक़लाबी औरत, बग़ावत जिसके मिज़ाज का हिस्सा थी

1990 में ज़ोहरा सहगल भारत लौट आईं और अपनी ज़िंदगी के आख़िर तक यहीं रहीं। उन्होंने कई हिन्दी फ़िल्मों, नाटकों और टीवी सीरियल में अभिनय किया। ‘मुल्ला नसरुद्दीन’ में निभाए उनके किरदार को भला कौन भूल सकता है।

Remembering Chetan Anand
News/ Updates

‘हक़ीक़त’ जैसे माहौल में चेतन आनंद की याद…

चेतन आनंद एक बेहतरीन फ़िल्मकार होने के साथ साथ बेहद ज़हीन और नफ़ीस इनसान थे। 1946 में उनकी बनाई पहली ही फ़िल्म ‘नीचा नगर’ को फ्रांस के पहले कान फ़िल्म फेस्टिवल में ‘पाम डी ओर’ सम्मान से नवाज़ा गया था।

Scroll to Top