Celebrating Diversity and Inclusivity in Cinema: 5th Edition of CIFFI

Spread the love

बाबा’ फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग के साथ सिफ़ी 2023/24 का हुआ आगाज़

निर्देशक राज आर गुप्ता की फिल्म बाबा की विशेष स्क्रीनिंग के साथ फिल्म महोत्सव सिफ़ी 2023/24 की शुरुआत हुई। सिफ़ी (CIFFI, सिनेस्ट इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल) का यह पांचवां संस्करण है। इस बार सिफ़ी 2023/24 का विषय ‘सिनेमा फॉर इंक्लूजन’ की थीम पर है। सिफ़ी का आयोजन 7 फरवरी से लेकर 9 फरवरी 2024 तक दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन, डीएमई कॉलेज, सेक्टर 62, नौएडा में किया जा रहा है।

सिफ़ी के पहले दिन फिल्म जगत से जुड़ी कई हस्तियों ने शिरकत की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ हरविंदर मांकड़, फिल्म निर्माता और कार्टूनिस्ट ने सिफ़ी के मंच से सिनेमा की दुनिया को बिजनेस से ज्यादा कला की दुनिया के रुप में देखने और मजबूत बनाने पर ज़ोर दिया। इसी के साथ विक्रांत किशोर, फेस्टिवल डायरेक्टर सिफ़ी; आदित्य सेठ, पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता, अकादमिक और सलाहकार; सतीश कपूर, फेस्टिवल डायरेक्टर वी केयर फिल्म फेस्टिवल; निमिष कपूर, वरिष्ठ वैज्ञानिक विज्ञान प्रसार डीएसटी भारत सरकार; आशीष कुमार सिंह फाउंडर, नई दिल्ली फिल्म फाउंडेशन; राम किशोर पारचा, महोत्सव निदेशक दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने सिफ़ी के मंच से सिनेमा की विभिन्नता के साथ दिव्यांगजनों के लिए इसे कैसे और बेहतर बनाया जा सके पर विचार व्यक्त किए।

डीएमी कॉलेज के वाइस चेयरमैन अमन साहनी ने इस वर्ष सिफ़ी की थीम ‘सिनेमा फॉर इंक्लूजन’ की तरफ सबका ध्यान खींचा। उन्होने कहा कि जब तक फिल्ममेकर विभिन्न प्रकार के विषयों पर लोगों के दिलों को छूने के साथ उन्हे जागरुक करने वाली फिल्में बनाते रहेंगे मुझे पूरी उम्मीद है सिनेमा और हमारा यह सिफी का मंच यू ही सफलता के नए आयामों को लिखता रहेगा।  

डॉ रविकांत स्वामी, डायरेक्टर डीएमई कॉलेज ने विविधता में एकता के संदेश को सिफी के मंच पर साझा कर सभी फिल्मेकर से ऐसे विषयों पर एक साथ आकर ज्यादा से ज्यादा फिल्मों को बनाने का आग्रह किया जिससे फिल्म प्रेमियों के बीच विविधता का संदेश पहुंचाया जा सके।

डीएमई कॉलेज के डीन प्रोफेसर डॉ. अंबरीष सक्सेना ने वर्तमान युग में सिफ़ी जैसे मंचों की जरुरत पर जोर देते हुए कहा कि यह दुनिया का अपने में सबसे अलग फिल्म महोत्सव है जहां हमारी कोशिश रहती है कि प्रत्येक वर्ष फिल्मी दुनिया से जुड़े नए विषयों को इस मंच पर प्रस्तुत किया जाए। फिल्मों की विभिन्नताओं के साथ इस बार हमने दिव्यांगजन को ध्यान में रखकर बनाई गई फिल्मों को भी मंच दिया है।

सिफ़ी के पहले दिन मराठी फिल्म ‘बाबा’ की विशेष स्क्रीनिंग को फिल्म प्रेमियों में शामिल फिल्ममेकर, शिक्षक और छात्रों ने काफी सराहा। इस फिल्म को देखने के बाद कई लोगों की आंखों में आंसू को साफ देखा जा सकता था। यह फिल्म दिव्यांगजनों को ध्यान में रख कर बनाई गई फिल्मों में से एक है। इसी के साथ दीप्ति प्रसाद, संस्थापक और सीईओ नोबाफ्लिक्स ने सिफ़ी के मंच पर ‘समावेशी और सुलभ मनोरंजन’ विषय पर अपनी मास्टर क्लास के साथ सभी को मनोरंजन की दुनिया को देखने और समझने के नए-नए तरीकों से अवगत कराया।

यह सिफ़ी का 5वा संस्करण है, जहां विविधता का जश्न मनाने वाली फिल्मों को विशेष रुप से मंच दिया जा रहा है। इस वर्ष दुनियाभर से तकरीबन 600 से ज्यादा फिल्मों को फिल्ममेकर्स ने सिफ़ी 2023/24 में नॉमिनेशन के लिए भेजा।

नॉमिनेशन के लिए आई फिल्मों को शोर्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, स्टूडेंट फिल्म, एनिमेशन, फिक्शन फिल्म और म्यूजिकल फिल्म की कैटगरी के अंतर्गत, सिनेमा जगत के दिग्गजों की मौजूदगी में, बेहतरीन फिल्मों को सिफ़ी 2023/24 में स्क्रीन के लिए चुना गया है।

सिफ़ी भारत का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव है जिसे दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन, कॉलेज सेक्टर 62, नौएडा जो कि गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त है, ऑस्ट्रेलिया की डीकिन यूनिवर्सिटी के साथ आयोजित करता है। इस वर्ष नॉटिंघम विश्वविद्यालय, चीन, सिफ़ी में अपनी अमूल्य भागीदारी दे रहा है।

सिफ़ी का पहला संस्करण 17 से 20 अप्रैल, 2019 को दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन के परिसर में डीकिन विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित किया गया था। जिसमे विशेष रुप से ऑस्ट्रेलियाई फिल्म निर्माता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में शामिल हुए थे। सिफ़ी का दूसरा संस्करण 15 से 21 दिसंबर, 2020 को कोविड-19 की महामारी के बीच हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया था। सिफ़ी का तीसरा संस्करण 2021 में आयोजित किया गया। सिफ़ी का चौथा संस्करण, एक मिश्रित प्रारूप में 2022 में किया गया।

You may also like...