मुग़ल ए आज़म 5: प्यार किया तो डरना क्या…

‘मुग़ले आज़म’ में न्याय का प्रतीक तराजू साझा संस्कृति के प्रतीकों से कम महत्त्वपूर्ण नहीं है। फ़िल्म में इस तराजू को किले की खुली जगह पर रखा बताया...

लोक कलाओं की दुर्दशा: ‘द लिपस्टिक बॉय’ के बहाने

उदय शंकर,केलुचरण महापात्र, राम गोपाल,बिरजू महाराज,गोपी कृष्ण जैसे नामचीन कलाकारों ने लंबे संघर्ष के बाद कला जगत में अपनी प्रतिष्ठाजनक जगह बना ली। पर...

‘आदमी और औरत’: तपन सिन्हा की नजर से

सत्यजित राय, ऋत्विक घटक और मृणाल सेन के साथ सबसे प्रभावशाली बंगाली फ़िल्मकारो की चौकड़ी बनाने वाले तपन सिन्हा ने यूं तो हिन्दी में कम फ़िल्में बनाई...

Celebrating Diversity and Inclusivity in Cinema: 5th Edition of CIFFI

Delhi Metropolitan Education Media School Noida with Deakin University, Melbourne, Australia and the University of Nottingham, China Campus...

एक दक्ष अभिनेत्री, जिनका नाम था श्रीला मजुमदार

श्रीला मजुमदार असल में निर्देशक मृणाल सेन की खोज थीं। वह कलकत्ता के बंगबासी कॉलेज से अभी ग्रेजुएट होकर निकली ही थीं और बांग्ला नाटक के रिहर्सल वगैरह...

10वां कोलकाता अंतरराष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव

बीते दशकों में सिनेमा में बाल फिल्मों का ज़बरदस्त ढंग से लोप होता गया है... । बच्चों की फिल्मों के नाम का कोई जॉनरा नहीं बचा है... ऐसे में कोलकाता...

हमारे समय की ‘झीनी बीनी चदरिया’

फिल्म ‘झीनी बीनी चदरिया’ कहीं भी बनारस की गंगा आरती, सांड, पान, क्लीशे बन चुका मणिकर्णिका जैसी और अन्य टूरिस्टी चीज़ों में नहीं फंसती. वो माइक पर हो...

G. ARAVINDAN and his classic film KUMMATTY

Govindan Aravindan was one of India’s greatest filmmakers and a leading light of the New Indian Malayalam cinema of the 1970s and ‘80s. This piece...

इजिप्ट डायरी 7: फ्रांस में रंगभेद और चीन की युवा पीढ़ी का असंतोष

फ्रांस के अश्वेत फिल्मकार लाड्ज ली ने अपनी पिछली चर्चित फिल्म 'ल मिजरेबल्स' की तरह हीं 'ल इनडिजायरेबल्स' में गोरे लोगों द्वारा काले लोगों के प्रति...

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