गुलज़ार की फिल्मों का ज़िंदगीनामा

एक शायर और गीतकार के तौर पर गुलज़ार आज भी सक्रिय हैं, लोकप्रिय हैं और प्रासंगिक हैं। बल्कि साल दर साल उनकी लोकप्रियता और मुकाम और ऊंचाई हासिल करता जा...

OMG2: एक ‘मस्ट वॉच’ फिल्म

निर्देशक अमित राय ने बड़े तार्किक और दिलचस्प सिनेमाई कौशल के साथ अपनी नई फिल्म 'ओह माय गॉड -2' में यह सवाल उठाया है कि हमारे स्कूली पाठ्यक्रम में...

बदल चुका है पाकिस्तान का सिनेमा ‘जिंदगी तमाशा’ से

"जिंदगी तमाशा" पाकिस्तान की एक ऐसी फिल्म है जिसे देखते समय आप अपनी सांसों तक को महसूस करना भूल जाते हैं। फिल्म एक मौलवी के संघर्ष को बयां करती है।...

मुग़ल ए आज़म 4: अकबर की हुकूमत में एक संगतराश की आवाज़

‘मुग़ले आज़म’ की पूरी कथा इन्हीं तीन चित्रों के इर्दगिर्द बुनी गई है। अकबर द्वारा एक कनीज को मौत की सजा देना उस चित्र की माफिक है जिसमें बताया गया है...

भारतीय सिनेमा की नई इबारत गढ़ती बांग्ला फिल्म ‘दोस्तजी’ पहुंची ताइवान

सत्यजित राय, ऋत्विक घटक और मृणाल सेन की विरासत (लीगेसी) को निर्देशक प्रसून चटर्जी आगे बढ़ाना चाहते हैं। फिल्म 'दोस्तजी' की ताज़ा कामयाबी इसका सबूत है।...

विज्ञान के उद्देश्य और वैज्ञानिक की नैतिकता का मुद्दा उठाती है ‘ऑपेनहाइमर’

क्रिस्टोफ़र नोलन ने अपनी फिल्म में ग्रीक पुराण कथा और गीता के कर्मवाद को गूँथ कर परमाणु बम बनाने और उसके इस्तेमाल को लेकर ऑपेनहाइमर के बौद्धिक कौशल...

मुग़ले आज़म 3: शहंशाह अकबर के ‘राष्ट्रवाद’ की महागाथा

यह बहुत महत्त्वपूर्ण नहीं है कि फ़िल्म में बादशाह अकबर के साथ घटी घटनाएं ऐतिहासिक रूप में सत्य है या नहीं। महत्त्वपूर्ण यह है कि यह दंतकथा अकबर जैसे...

मुग़ले आज़म 2: इतिहास, दंतकथा और कल्पना का अंतर मिटाने वाली फिल्म

मुग़ले आज़म फ़िल्म में जिस हिंदुस्तान को पेश किया गया है उसके पीछे लोकतांत्रिक भारत के प्रति फ़िल्मकार की आस्था व्यक्त हुई है। यह आस्था भारत की...

Cine Book Review: सिने बुक रिव्यू के बारे में

'न्यू डेल्ही फिल्म फाउंडेशन' सिनेमा से जुड़ी गंभीर पुस्तकों के बारे में जानकारी देने और उनकी विषयवस्तु से परिचित कराने के लिए ऐसी नई पुस्तकों की...

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