बासु चटर्जी की ‘रजनीगंधा’: यही सच है

10 जनवरी बासु चटर्जी का जन्मदिन होता है। हिंदी सिनेमा में मध्यवर्ग के जीवन, उसके सपनों, आकांक्षाओं और कशमकश को लेकर मनोरंजक , साफ-सुथरा और सार्थक सिनेमा बनाने वाले भारतीय सिनेमा के सबसे संजीदा...

अल गूना 3: अरब डाक्यूमेंट्री फिल्मों की साहसिक दुनिया

कुर्दिश मूल के स्वीडिश फिल्मकार होगिर हिरोरी की डाक्यूमेंट्री सबाया की आज दुनिया भर में बड़ी चर्चा हो रही है। होगिर हिरोरी अपनी जान जोखिम में डालकर उत्तरी सीरिया के यजीदी होम सेंटर में रात के अंधेरे में चालीस बार गए और यह फिल्म शूट की। उन्होंने उन कई औरतों के इंटरव्यू लिए जिन्हें इस्लामिक स्टेट आईएसआईएस के लोगों ने अपहरण कर जबरन सेक्स स्लेव बनाया था।

गोविंद निहलानी के बहाने ‘अर्धसत्य’ की बात

19 दिसंबर को भारतीय सिनेमा के सबसे संजीदा निर्देशकों में गिने जाने वाले गोविंद निहलानी का जन्मदिन होता है और इस मौके पर उनके बहाने उनकी फिल्म अर्धसत्य की बात सिनेमा के साहित्य की...

तीसरी कसम : न कोई इस पार हमारा, न कोई उस पार

फिल्म एक ऐसी विधा है, ऐसा आर्टफॉर्म है जिसमें कहानी… किसी फिल्म का सबसे अधिक और सबसे कम महत्वपूर्ण तत्व होता है। सबसे कम इसलिए कि पर्दे पर जो दुनिया रची जाती है उसमें...

दिलीप कुमार: सालगिरह पर साहिब-ए-आलम की याद

आज दिलीप कुमार ज़िंदा होते तो 99 साल के होते…. 11 दिसंबर 1922 को पेशावर में वो पैदा हुए थे… और इसी साल जुलाई में वो दुनिया को अलविदा कर गए…। इस मौके पर...

अल गूना 2: मोहम्मद दिआब, अमीरा और अरब सिनेमा

मिस्र के ही उमर अल जोहरी की फिल्म फेदर्स को लेकर देश भर में हंगामा हो रहा है। सोशल मीडिया पर राष्ट्रवादी समूह जमकर इसकी आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस फिल्म से दुनिया भर में मिस्र की छवि खराब होगी। अपने छह साल के बेटे के जन्मदिन पर आयोजित जादू के शो के दौरान एक तानाशाह आदमी मुर्गे में बदल जाता है।

Sooryavanshi: A Film With A Pre Covid Era ‘Entertainment Quotient’

Rohit Shetty-directed movie from his “cop cinematic universe” is everything that one expects from a commercial film these days – terrible filmmaking that feels like a checklist by the makers to incorporate everything that they feel assures them a good commercial response.