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10वां कोलकाता अंतरराष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव

बीते दशकों में सिनेमा में बाल फिल्मों का ज़बरदस्त ढंग से लोप होता गया है… । बच्चों की फिल्मों के नाम का कोई जॉनरा नहीं बचा है… ऐसे में कोलकाता इंटरनेशनल चिल्ड्रेन फिल्म फेस्टिवल का लगातार आयोजन एक सुखद समाचार है।

हमारे समय की ‘झीनी बीनी चदरिया’

फिल्म ‘झीनी बीनी चदरिया’ कहीं भी बनारस की गंगा आरती, सांड, पान, क्लीशे बन चुका मणिकर्णिका जैसी और अन्य टूरिस्टी चीज़ों में नहीं फंसती. वो माइक पर हो रही घोषणाओं, निर्माण कार्य और गली कूचों के जरिए बनारस को बनाए रखती है और एक ऐसी चादर बीनती है जिसके पार हम धुंधला सा बनारस देख पाते हैं.

G. ARAVINDAN and his classic film KUMMATTY

Govindan Aravindan was one of India’s greatest filmmakers and a leading light of the New Indian Malayalam cinema of the 1970s and ‘80s. This piece talks about his classic film Kummatty which was restored to its original quality in the year 2021.

इजिप्ट डायरी 7: फ्रांस में रंगभेद और चीन की युवा पीढ़ी का असंतोष

फ्रांस के अश्वेत फिल्मकार लाड्ज ली ने अपनी पिछली चर्चित फिल्म ‘ल मिजरेबल्स’ की तरह हीं ‘ल इनडिजायरेबल्स’ में गोरे लोगों द्वारा काले लोगों के प्रति लगातार होनेवाले रंगभेद, अन्याय और भ्रष्टाचार को विषय बनाया है। जबकि चीन के वैंग बिंग की लंबी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘यूथ’ ( स्प्रिंग)  बताती है कि जिन युवा कामगारों के मेहनत के बल पर आज चीन मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में सबसे आगे हैं, उनके बेहतर जीवन की कोई योजना उसके पास नहीं है।

इजिप्ट डायरी 6: रोमन पोलांस्की की नई फिल्म ‘द पैलेस’: अश्लील अमीरी का वीभत्स मजाक

महान फिल्मकार नब्बे वर्षीय रोमन पोलांस्की की नई फिल्म ‘द पैलेस’ दुनिया भर में फैली अश्लील अमीरी का वीभत्स मजाक उड़ाती है। यह एक ब्लैक कॉमेडी है जो दर्शकों को हंसाते-हंसाते अमीर लोगों की जिंदगी के अंधेरों में ले जाती है। इसी 2 सितंबर 2023 को 80वें वेनिस अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में इस फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर हुआ था।

इजिप्ट डायरी 5: संकटग्रस्त सूडान से एक अच्छी खबर… ‘गुड बाय जूलिया’

फिल्म ‘गुडबाय जूलिया’ को छठे अल गूना फिल्म फेस्टिवल (इजिप्ट) में द सिनेमा फॉर ह्यूमनिटी ऑडिएंस अवॉर्ड से नवाजा गया है। इसके निर्देशक मोहम्मद कोरदोफानी उत्तरी सूडानी अरब है जिन्हें इस बात का अफसोस है कि अरबों ने बहुत नस्लवादी अत्याचार किए हैं जिस कारण सूडान का विभाजन हुआ। उनका कहना है कि यह फिल्म प्रायश्चित का एक छोटा सा प्रयास है।

इजिप्ट डायरी 4: कोयला खदानों की बदरंग दुनिया और बदलाव की चाहत

‘ह्विस्पर्स आफ फायर एंड वॉटर’ एक ऐसी फिल्म हैं जो कहानी से अधिक अपनी कलात्मक सिनेमैटोग्राफी और साउंड डिजाइन के कारण अद्वितीय बन गई है।
फिल्म में नायक शिवा के आगे एक ऐसी दुनिया खुलती है, जो सुविधासंपन्न शहरी जीवन के आदी हो चुके शिवा के लिए रहस्यमय किंतु आकर्षक है। 

इजिप्ट डायरी 3: इज़रायल-हमास युद्ध के बीच मानवीय कहानियों का सिनेमाई दस्तावेज़

फिलिस्तीनी मूल की ब्रिटिश महिला निर्देशक फराह नाबुल्सी की पहली फिल्म- ‘द टीचर’ जिसे हाल ही में सऊदी अरब के जेद्दा में आयोजित तीसरे रेड सी अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में दो- दो पुरस्कार मिले हैं। ऐसा इजरायल-हमास युद्ध में फिलिस्तीनी नागरिकों के प्रति पक्षधरता और समर्थन के लिए किया गया है।

इजिप्ट डायरी 2: ‘हॉलीवुडगेट’- तालिबानी अफगानिस्तान के पहले साल का रोज़नामचा

हॉलीवुड गेट दरअसल काबुल के बाहरी इलाके में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के ठिकाने का नाम था जो एक तरह से अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना का मुख्यालय बन गया था। जब 30 अगस्त को अंतिम रूप से अमेरिकी सेना वहां से चली गई तो पता चला कि करीब सात बिलियन डॉलर का सैन्य साजो सामान छोड़ गई है।

इजिप्ट डायरी-1: अनुराग कश्यप जीनियस डायरेक्टर, ऐक्टर को बिना सिखाए सब कुछ सिखा देते हैं- राहुल भट्ट

राहुल भट्ट ने अल गूना फिल्म फेस्टिवल के बारे में कहा कि इजरायल-हमास युद्ध के साये में यह फेस्टिवल मानवता के लिए हो रहा है। हम कलाकारों के लिए सबसे पहले मानवता है। मशहूर रूसी रंग चिंतक स्तानिस्लावस्की ने अपनी किताब ‘ऐन ऐक्टर प्रिपेयर्स’ में लिखा है कि एक अभिनेता को सबसे पहले एक अच्छा इंसान होना चाहिए।